पीरियड्स के दर्द को दूर करता है गुड़
पीरियड्स के दर्द को दूर करता है गुड़ Jaggery (Gud) Benefits in Periods

इसके साथ ही पीरियड्स के दौरान शरीर में कमजोरी आने लगती है। गुड़ में पाया जाने वाला आयरन इस कमजोरी को दूर करता है।
पीरियड्स का दर्द और मेंस्ट्रुअल क्रैम्प को कुछ कम करता है। गुड़ गर्भाशय की ऐंठन को कम करने में मदद करता है।
- हरी पत्तेदार सब्जियों का सेवन अवश्य ही करें, इनमें प्रचूर मात्रा में आयरन होता है।
- दूध, दही, पनीर आदि का सेवन करें क्योंकि इनमें केल्सियम होता है जो पीरियड्स के दर्द को कम करता है।
- पीरियड्स के दौरान पेट में गैस जमा हो सकती है, ऐसे में आप अविपत्तिकर चूर्ण, हिंग्वाष्टक चूर्ण, अग्नि संदीपन चूर्ण का उपयोग कर सकते हैं। आप रसोई में मौजूद अजवायन का चूर्ण बनाकर भी ले सकती हैं जो गैस को दूर करता है।
- ऐंठन और दर्द को दूर करने के आप अदरक को चाय में डालकर सेवन करें, आप चाहें तो सौंठ का चूर्ण भी अदरक के स्थान पर उपयोग में ले सकती हैं।
- आप डार्क चॉकलेट का उपयोग भी कर सकती हैं क्योंकि इसमें फाइबर और मैग्नीशियम होता है जो पीरियड्स के दर्द में लाभकारी होता है।
- आप अजवाइन की चाय का भी सेवन कर सकती हैं, अजवाइन की चाय के अंदर ब्लैक टी होते हैं जो की एंटीऑक्सीडेंट गुण के कारण थकान को कम करती है।
- गर्भाशय की ऐंठन को दूर करने के लिए आप हीटिंग पेड का उपयोग कर सकती हैं।
- पीरियड्स के दौरान निचले हिस्से में नारियल या तिल के तेल से मालिश करें यह दर्द को कम करता है।
- पीरियड्स के दौरान ठन्डे पानी के स्थान पर गुनगुना पानी पीना चाहिए।
- माहवारी के दौरान ग्रीन टी का उपयोग भी गुणकारी होता है।
- अदरक (ginger): अदरक का तेल बनाकर दर्द वाले स्थान पर मालिश करें।
- हल्दी (turmeric): हल्दी को दूध में मिलाकर पीने से मासिक धर्म के दर्द में आराम मिलता है।
- जीरा (cumin): एक गिलास पानी में थोड़ी सी जीरा डालकर उसे उबालें, फिर उसे ठंडा करके निचे दिए गए पानी को पिएं। जीरा मासिक धर्म के दर्द को कम करने में मदद कर सकता है।
- पुदीना (mint): पुदीने के पत्तों को पानी में उबालें और इस पानी को ठंडा होने दें, गुनगुने पानी का सेवन करें।
- तुलसी (holy basil): तुलसी की पत्तियों को उबालें और उस पानी को थोड़ा ठंडा करके पिएं। तुलसी आपके शरीर के तापमान को कम करता है और इससे आपके दर्द कम हो सकते हैं।
- आप योग के माध्यम से भी दर्द को कम कर सकते हैं, इस हेतु कुछ आसन हैं विपरीतकरण आसन (Viparita Karani), शवासन (Shavasana),भ्रमरी प्राणायाम (Bhramari Pranayama), जल नेती (Jal Neti), बालासन (Balasana), मलासन (Malasana), सुखासन (Sukhasana), पश्चिमोत्तानासन (Paschimottanasana), भुजंगासन (Bhujangasana)

पीरियड्स में दर्द क्यों होता है? मासिक धर्म में दर्द से कैसे पाये छुटकारा | Periods Pain
गर्भाशय के अंदर की परत के खींचाव के कारण दर्द होता है। यह खींचाव गर्भाशय के अंदर के संरचनाओं या उनके आसपास के नसों में दर्द उत्पन्न करता है। प्रोजेस्टेरोन हार्मोन के स्तर में बदलाव मासिक धर्म के समय दर्द का कारण होता है। जब आपका शरीर यह हार्मोन उत्पन्न करता है, तो यह गर्भाशय की परत को खींचता है जो दर्द का कारण बनता है। अधिक मात्रा में प्रोस्टेगलैंडिन हार्मोन के उत्पन्न होने से भी दर्द होता है। यह हार्मोन गर्भाशय की परत को खींचता है और दर्द को बढ़ाता है।
गुड़
पीरियड आने के लिए कितना गुड़ खाना चाहिए?
पीरियड्स के समय हमें गुड़ का एक छोटा टुकड़ा ही खाना चाहिए। अधिक मात्रा में गुड़ का सेवन करने से शरीर में गर्मी बढ़ जाती है।
पीरियड्स के दौरान एक छोटा टुकड़ा गुड़ का खाने से दर्द में आराम मिलता है। यह गर्भाशय की ऐंठन को कम करता है।
एक छोटा टुकड़ा गुड़ का खाकर इसके बाद गुनगुना पानी पिए।