मर्कटासन वजन घटाए फायदे और विधि

मर्कटासन वजन घटाए फायदे और विधि

शरीर को चुस्त दुरुस्त रखने, आरोग्य के लिए योग में कई आसन /व्यायाम हैं, इन्ही में से एक आसन है "मर्कटासन" (मंकी पोज़ /मर्कटा = बंदर/आसन = मुद्रा ) इसे अंग्रेजी नाम स्पाइनल ट्विस्ट पोज कहते हैं।  इस आसन के बारे में हम इस लेख के माध्यम से जानेंगे। जैसे बन्दर अपने स्वभाव से घूमता है, मुड़ता है वैसे ही इस आसन में करना होता है।  मर्कटासन आसान ना केवल शरीर को स्फूर्ति देता है बल्कि रीढ़ की हड्डी का लचीलापन बढ़ाता है, कमर दर्द, गैस, कब्ज और पेट और जाँघों की चर्बी कम करता है, और मानसिक तनाव घटाकर अच्छी नींद लाने में भी लाभकारी है। 
 
मर्कटासन वजन घटाए फायदे और विधि

वर्तमान समय की मजबूरी है की हम नियत समय पर हम शारीरिक रूप से परिश्रम नहीं कर पाते हैं, अधिकतर व्यक्तियों को बैठकर जॉब करनी होती है, आहार विहार का पालन कर पाना संभव नहीं हो पाता है। बाजार का चटपटा आहार, असमय भोजन आदि से मोटापा बढ़ता है। ऐसे में आप जीवन शैली में व्यायाम को शामिल करें। यदि आप भी मोटापे से परेशान हैं तो मर्कटासन आसन आपके लिए अधिक लाभकारी है। आहार विहार के साथ इस आसन को नियमित रूप से करें।
हठरत्नावली जैसे ग्रंथों में मर्कटासन को शिव द्वारा सिखाए 84 आसनों में गिना गया है। यह पाचन तंत्र सुधारता है और शरीर को तरोताजा रखता है। आयुर्वेद में इसे पीठ दर्द और पेट दोष दूर करने वाला माना जाता है। 
 

मर्कटासन आसन के प्रमुख फायदे

इस आसन से शरीर की चर्बी कम होती है (तोंद को कम कैसे करें पेट की चर्बी कम करें) खासकर पेट और जांघों से और मोटापे को दूर करने में यह आसन सहायक है साथ ही कमर, कूल्हों, पीठ के निचले हिस्से की मांसपेशियों, पसलियों को आराम पहुंचाकर उन्हें लचीला बनाता है।  नियमिति रूप से इस आसन को करने से कमर दर्द दूर होता है और रीढ़ की हड्डी मजबूत व लचीली बनती है। इस आसन से रीढ़ की हड्डी में स्टिफनेस भी कम होती है और उसमे लचीलापन बढ़ता है। 
 
इस आसन के अन्य लाभ निम्न हैं -
  • पेट की समस्याएं जैसे कब्ज, गैस और अपच ठीक होती हैं।
  • पैरों और हाथों की मांसपेशियां मजबूत होती हैं।
  • फेफड़ों की क्षमता बढ़ती है और सांस लेना आसान होता है।
  • मधुमेह के रोगियों के लिए पैंक्रियास सक्रिय होता है।
  • सर्वाइकल दर्द और जोड़ों के दर्द में राहत मिलती है।
  • हठयोग में इसे इडा और पिंगला के संतुलन के लिए किया जाता है। 
  • इस आसन से अनिंद्रा दूर होती है और मानसिक रूप से स्थिरता आती है।  

मर्कटासन आसन करने का बेस्ट तरीका

सुबह नित्य क्रियाओं के उपरान्त खाली पेट इस आसान को करना चाहिए। ​आसन का तरीका बड़ा ही आसान है, आप जमीन पर पीठ के बल लेट जाएं और पैर सीधे रखें और सांस सामान्य लें। इसके बाद आप दोनों हाथों को कंधों के स्तर पर बाएं-दाएं फैलाएं, अपनी हथेलियां ऊपर की ओर रखें। दाहिने घुटने को मोड़ें और बाएं हाथ की ओर ले जाएं। सिर को दाहिनी तरफ घुमाएं और कुछ सेकंड रुकें। सांस सामान्य रखें और पेट पर हल्का दबाव महसूस करें। धीरे से वापस आएं। अब बाएं घुटने को दाहिनी ओर ले जाकर दोहराएं, ऐसा आप रोजाना पांच से दस बार करें. 

मर्कटासन करते समय सावधानियाँ

  • मर्कटासन की शुरुआत और अंत में धीरे-धीरे सांस लेते और छोड़ते हुए करें, एकदम झटके से न करें.
  • दोनों घुटनों और पैरों को एक साथ सटाकर रखें (एड़ी-पंजों को मिलाकर) और उन्हें ज़्यादा ज़मीन पर न टिकाएं। 
  • सांस छोड़ते हुए नीचे जाएं और सांस लेते हुए वापस आएं. सामान्य श्वास बनाए रखें.
  • अगर कमर, घुटने, या गर्दन में तेज दर्द महसूस हो तो तुरंत रुक जाएं.सर्वाइकिल, स्लीप डिस्क की स्थिति में की भी आसन योगाचार्य/चिकित्सक की सलाह उपरान्त ही करें। 
  • यदि आपको सर्जरी हुई है, तो इस आसन से बचें या योग विशेषज्ञ से सलाह लें. 


Markatasana {Steps and Benefits} Spinal Twist Yoga Pose | Swami Ramdev

तो आप भी योगाचार्य की सलाह से मर्कटासन करें जिससे आपके स्पाइनल कॉलम मजबूत और फ्लेक्सिबल बनेंगे और पीठ की विकृतियां भी दूर होंगी। इसके साथ ही आपकी कमर पैरों और जांघों को अच्छी तरह से स्ट्रेच करता है और आपके शरीर से अतिरिक्त चर्बी कम करता है।

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यह सामग्री केवल सामान्य ज्ञान के लिए है। यह चिकित्सा सलाह नहीं है। स्वास्थ्य समस्या पर डॉक्टर से सलाह लें।
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