पतंजलि गाय का घी फायदे उपयोग
पतंजलि गाय का घी फायदे उपयोग
अमृतं क्षयहरं च त्रिदोषविनाशकम्॥
गाय का घी सभी औषधियों में सर्वश्रेष्ठ है। यह बुखार को दूर करता है, सुख प्रदान करता है, अमृत के समान है, क्षय को दूर करता है और तीनों दोषों (वात, पित्त और कफ) को नष्ट करता है।
गोघृतं सर्वरोगहरं बलवर्धनं परम्।
यस्यैतत् क्षीरं पिबति स भवति दीर्घजीवी॥
गाय का घी सभी रोगों को दूर करता है और शक्ति प्रदान करता है। जो व्यक्ति गाय के दूध का सेवन करता है, वह दीर्घजीवी होता है। गाय का घी एक गुणकारी पदार्थ है जिसमें कई औषधीय गुण होते हैं। यह बुखार, क्षय, और तीनों दोषों को दूर करता है। यह शक्ति प्रदान करता है और दीर्घ आयु प्रदान करता है।
आयुर्वेद में, गाय के घी का उपयोग विभिन्न प्रकार के रोगों के इलाज में किया जाता है। यह पाचन, श्वसन, हृदय, और मस्तिष्क स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है। यह त्वचा और बालों के लिए भी अच्छा है।
गाय का घी के सेवन से हमें कई तरह के लाभ होते हैं :-
- स्वस्थ वसा से भरपूर: गाय का घी स्वस्थ वसा में उच्च होता है, जिसमें संयुग्मित लिनोलिक एसिड (सीएलए) और ब्यूटिरिक एसिड शामिल हैं। सीएलए में सूजन-रोधी और वजन घटाने के गुण जबकि ब्यूटिरिक एसिड आँतों को स्वस्थ रखता है और और सूजन को कम करने में भी गुणकारी होता है।
- पाचन में सुधार: गाय के घी का उपयोग सदियों से आयुर्वेदिक चिकित्सा में पाचन में सुधार और आंत की सूजन को कम करने के लिए किया जाता रहा है। ऐसा माना जाता है कि गाय का घी पाचन एंजाइमों के उत्पादन को बढ़ाता है और पोषक तत्वों के अवशोषण में सुधार करता है।
- हृदय को दुरुस्त करता है: कुछ शोध बताते हैं कि गाय के घी का सेवन कम मात्रा में करना हृदय की सेहत के लिए लाभकारी होता है।
- मस्तिष्क स्वास्थ्य में लाभकारी: गाय के घी में ओमेगा-3 फैटी एसिड उच्च मात्रा में होता है, जो मस्तिष्क के स्वास्थ्य के लिए आवश्यक हैं। कुछ शोध बताते हैं कि गाय के घी का सेवन संज्ञानात्मक कार्य (cognitive function) और याददाश्त में सुधार लाने के लिए गुणकारी होता है।
- त्वचा के स्वास्थ्य के लिए गुणकारी : गाय के घी में एंटीऑक्सिडेंट होते हैं जो त्वचा के स्वास्थ्य में सुधार और सूजन को कम करने में मदद करते हैं। गाय के घी का उपयोग पारंपरिक भारतीय चिकित्सा में एक्जिमा और सोरायसिस जैसी त्वचा विकारो के इलाज के लिए किया जाता है।
- एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण : गाय के घी में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं जो शरीर में सूजन को कम करने में मदद करते हैं, जो गठिया, मधुमेह और हृदय रोग जैसी कई विकारों का कारण बनती है।
कोलेस्ट्रॉल को रखे नियंत्रण में
गाय के घी में चमत्कारिक रूप से कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने के गुण होते हैं जिससे हमारे शरीर का कोलेस्ट्रॉल लेवल कण्ट्रोल में रहता है। इसके सेवन से बाइलरी लिपिड का स्त्राव बढ़ जाता है जिसके कारन कोलेस्ट्रॉल नियंत्रण में रहता है। आँतों और ब्लड में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा को आश्चर्जनक रूप से गाय का घी नियंत्रण में रखता है। चिकित्सक की राय लेकर आप गाय के घी का सेवन कर सकते हैं।रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिए उपयोगी
गाय का घी रोग प्रतिरोधक क्षमता के विकास के लिए भी उपयोगी माना गया है। गाय का घी शरीर में जमा फैट को गलाकर उसे शरीर में उपयोगी विटामिन्स में बदलने का कार्य करता है। गाय का घी जल्दी पचता है और मेटाबोलिज्म को बढ़ाता है।शरीर के विषाक्त प्रदार्थों को शरीर से बाहर निकालें
त्वचा में निखार लाये गाय का घी
गाय के घी के प्रयोग से त्वचा में प्राकृतिक निखार आता है और त्वचा चमकदार और तंदुरुस्त बनती है। गाय के घी में पाए जाने वाले एंटी ऑक्सीडेंट्स के कारण शरीर में विषाक्त प्रदार्थ बाहर निकलते हैं जिससे शरीर में रोगों से लड़ने की क्षमता का विकास होता है। गाय के घी से मालिस करना उत्तम माना जाता है।पाचन क्रिया को करे दुरुस्त
गाय का घी सुपाच्य होता है और कब्ज को दूर करता है। सोने से पहले गर्म दूध के सेवन से कब्ज दूर होता है। गाय के घी से पाचन एसिड्स का स्राव होता है जिससे पाचन सुधरता है। ब्यूटिरिक एसिड एक शॉर्ट-चेन फैटी के कारन आंतो को पोषण मिलता है।हड्डियों और जोड़ों के लिए लाभदायक
दांतों और हड्डियों के लिए भी गाय का घी लाभदायक होता है। घी के सेवन से जोड़ों में प्राकृतिक लुब्रिकेंट का विकास होता है। विटामिन K के माध्यम से हड्डियों के पोषण में मदद मिलती है।- पाचन में सुधार: गाय का घी पाचन तंत्र को मजबूत करने में मदद करता है। यह भोजन को पचाने में मदद करता है और कब्ज, अपच और एसिडिटी जैसी पाचन समस्याओं को दूर करने में सहायक होता है।
- हृदय स्वास्थ्य: गाय का घी हृदय स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है। इसमें मोनोअनसैचुरेटेड और पॉलीअनसैचुरेटेड वसा होते हैं, जो शरीर में हानिकारक कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने में मदद करते हैं।
- प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ावा देता है: गाय का घी प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ावा देने में मदद करता है। इसमें एंटीऑक्सीडेंट होते हैं जो शरीर को संक्रमण से लड़ने में मदद करते हैं।
- त्वचा और बालों के लिए अच्छा: गाय का घी त्वचा और बालों के लिए अच्छा है। यह त्वचा को नमी प्रदान करता है और बालों को स्वस्थ और चमकदार बनाता है।
- मस्तिष्क स्वास्थ्य: गाय का घी मस्तिष्क स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है। इसमें अल्फा-लिनोलेनिक एसिड (ALA) होता है, जो मस्तिष्क के विकास और कार्य के लिए आवश्यक है।
- स्मृति के विकास के लिए गाय का घी लाभदायक होता है।
- रोग प्रतिरोधक क्षमता के विकास में गाय का सुद्ध घी उपयोगी होता है।
- पाचन तंत्र के सुचारु काम करने के लिए गाय का घी लाभदायी होता है।
- रात को सोने से पहले गाय के घी की दो बून्द नाक में डालकर सोने से स्मरण शक्ति का विकास होता है और प्राणवायु का संचार होता है। इससे शुष्कता, नाक के मांस बढ़ने, रक्तस्राव और नासिका में लाभ मिलता है।
- गाय के घी की दो बुँदे नाभि में डालकर सोने से अनिंद्रा सबंधी विकार दूर होते हैं।
- त्वचा पर गाय के घी की मालिस करने से त्वचा विकारों में लाभ प्राप्त होता है। सोराइसिस में इससे लाभ प्राप्त होता है। यह शरीर को प्राकृतिक रूप से मोइसजराइजेसन करता है।
- शारीरिक रूप से दुर्बल व्यक्ति को गाय के घी का नियमित प्रयोग करना चाहिए इससे व्यक्ति हृष्ट पुष्ट बनता है और दुर्बलता दूर होती है।
- महिलाओं के प्रदर रोग में गाय के घी के सेवन से लाभ मिलता है।
- स्तनपान वाली महिला के लिए गाय का दूध और घी बहुत लाभदायी होता है।
- गाय के घी के नियमित सेवन से वीर्य शक्ति बढ़ती है।
- त्रिफला के साथ गाय के घी के सेवन से नेत्र विकार दूर होते हैं।
- गाय के घी से गठिया रोग में आराम मिलता है।
- गाय के घी से मुंह के अल्सर में लाभ मिलता है।
- हल्दी के साथ गाय के घी को मिलाकर फोड़े फुंसी पर लगाने से लाभ मिलता है।
- गाय के दूध में गाय का घी मिलाकर पीने से शरीर में शक्ति का संचार होता है।
- गाय के घी के उपयोग से कैंसर से बचाव होता है।
- छाती पर गाय के घी की मालिस करने से कफ की समस्या से मुक्ति मिलती है।
- गाय के घी से रोग प्रतिरोधक क्षमता का विकास होता है।
- भोजन से पूर्व एक चम्मच गाय का घी लेने से मूत्राशय के दर्द और जलन में राहत मिलती है।
- त्रिफला के साथ गाय का घी मिलाकर मुंह में रखने से मुंह के संक्रमण में लाभ मिलता है।
- हथेली और तलवों पर गाय के घी की मालिस करने से जलन में लाभ मिलता है।
- काली मिर्च को गाय के घी के साथ मिलाकर सुबह खालीपेट चाटने पर आँखों की ज्योति में सुधार होता है।
- गाय के घी के नियमित सेवन से मेटाबॉलिज्म सुधरता है।
- गर्भवती महिला को गाय के घी का सेवन करना चाहिए इससे उसके गर्भ में पल रहे बच्चे का विकास होता है।
- पुराने दर्द और माइग्रेन में गाय के घी से लाभ मिलता है।
- तुलसी के पत्तों को पीसकर गाय के एक चम्मच घी के साथ पकाने कर पानी में मिलाकर लेने से सर्दी झुकाम में राहत मिलती है।
- गाय का घी गाय के दूध से बनाया जाता है, वस्तुतः गाय हरी वनस्पति खाती है इसलिए इसमें विटामिन के 2 पाया जाता है जो की हड्डियों की डेंसिटी और विकास के लिए उपयोगी होता है।
- गाय के घी में ब्युट्रिक एसिड और CLA (Conjugated Linoleic Acid) पाए जाते हैं जो एक फैटी एसिड होता है। इसका प्रधान गुण एंटी कैंसर और एंटी ऑक्सीडेंट होता है। यह शरीर से विषाक्त कणों को बाहर निकालने में मदद करता है।
- शरीर के त्रिदोष वात, कफ और पित्त को बैलेंस रखने में गाय का घी बहुत उपयोगी होता है।
- गाय का घी पाचन को सुधरता है और कब्ज को दूर करता है।
Patanjali Cow Ghee is full of nutritive properties and an ideal diet. Cow ghee increases memory, intellect, the power of digestion, Ojas, Kapha and fat.Regular consumption of ghee or inclusion of ghee as part of the diet, is recommended for those seeking weight gain.
पतंजलि गाय का घी कैसे खरीदें : यदि आप पतंजलि आयुर्वेदा के द्वारा निर्मित गाय का घी खरीदना चाहते हैं या फिर इस सबंध में अधिक जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं तो निचे दिए गए पतंजलि आयुर्वेदा की ऑफिसियल वेब साइट पर विजिट करें।
