पीरियड मिस होने पर घरेलू उपाय
पीरियड मिस होने पर घरेलू उपाय Periods Miss Hone Par Gharelu Upchar
पीरियड मिस होना क्या है Missed or irregular Periods

पीरियड के लेट/ मिस होने के कारण (Period Miss Hone Ke Karan)
अधिक तनाव का बने रहना
हॉर्मोन असंतुलित होना
हॉर्मोन के असंतुलित होने पर भी मासिक धर्म मिस/देरी से हो सकता है। विशेष शारीरिक परिस्थियों के कारण या गरबनीरोधक गोलियों के प्रयोग से भी मासिक धर्म अनियमित हो सकता है। पॉलीसिस्टिक ओवेरियन सिंड्रोम या पीसीओएस के कारण से भी पीरियड्स का मिस होना, देरी से आना हो सकता है। इसके अतिरिक्त डायबिटीज या थायरॉइड आदि रोग भी इसका कारण हैं। खून में प्रोलैक्टिन का स्तर अधिक होने के कारण भी यह समस्या उत्पन्न हो सकती है।अधिक व्यायाम, शारीरिक मेहनत करना
अधिक शारीरिक मेहनत या एथलीट के कार्यों में शरीर अधिक ऊर्जा खर्च करता है। ऐसे में उचित पोषण के अभाव में पीरियड्स की समस्या हो जाती है। शरीर में ऊर्जा की कमी हो सकती है और हड्डियों में भी कमजोरी आ जाती है जिसके कारण पीरियड्स अनियमित होते हैं।डेली रूटीन में बदलाव
यदि आपकी दिनचर्या नियमित नहीं है, यथा समय पर भोजन ना करना, देर रात तक जगना, कार्य करना, समुचित नींद का ना लेना आदि, तो निश्चित ही पीरियड्स भी प्रभावित होते हैं।ब्रेस्टफीडिंग
स्तनपान के समय भी कुछ मामलों में मासिक धर्म समय पर नहीं आते हैं लेकिन ब्रेस्टफीडिंग के बंद होने पर ये सुचारु हो जाते हैं।बिमारी के कारण
किसी गंभीर बिमारी, संक्रमण जनित बिमारी (सर्दी खांसी, फ्लू) आदि से भी पीरियड्स प्रभावित हो जाते हैं।बर्थ कंट्रोल पिल्स
यदि आप बर्थ कंट्रोल पिल्स का उपयोग करती हैं तो भी पीरियड्स अनियमित/देरी से आ सकते हैं।- हॉर्मोन में बदलाव का होना।
- अधिक धूम्रपान या अन्य नशा करना।
- शारीरिक कमजोरी, शरीर में पोषक तत्वों की कमी का होना।
- खून में प्रोलैक्टिन हॉर्मोन की उच्च मात्रा का होना।
- मिर्गी के दौरे की दवाइयों का सेवन।
- पेल्विक इन्फ्लेमेटरी डिजीज यानी प्रजनन अंगों का संक्रमण से ग्रस्त हो जाना।
- टाइप 1 और टाइप 2 डायबिटीज का होना।
- मोटापे से बनने वाला एस्ट्रोजन हॉर्मोन।
- यदि आप एंटीडिप्रेसेंट, एंटीसाइकोटिक्स, थायरॉयड दवाएं, एंटीकॉन्वेलेंट्स और कुछ कीमोथेरेपी दवाएं ले रहीं है तो इससे भी पीरियड्स लेट/मिस हो सकता है।
लगातार पीरियड्स के देरी से आने / अनियमित आने से होने वाले नुकसान
यदि पीरियड्स लगातार अनियमित बने रहते हैं, मिस हो जाते हैं तो इसके कई नुकसान हो सकते हैं यथा,- प्रजनन क्षमता में कमी का होना।
- शरीर कमजोर होना, हड्डियों की कमजोरी। पीरियड्स के मिस होने और देरी होने से यह हड्डियों को कमजोर करता है और हड्डियां फ्रेक्चर हो सकती हैं।
- ऑस्टियोआर्थराइटिस जैसे विकार उत्पन्न होना।
- मोटी औरतों में हृदय से जुड़े विकार उत्पन्न होना। एथलीट की महिला खिलाड़ियों में ऑस्टियोआर्थराइटिस का खतरा बढ़ना।
माहवारी/मासिक धर्म के मिस ना होने/नियमित करने के उपाय
- सस्वस्थ जीवन शैली का चुनाव करके आप पीरियड्स के देरी से आने को नियमित कर सकते हैं। अपने खानपान, सोचने विचारने के तरीकों, तनाव मुक्त जीवन, घूमने फिरने आदि को अपने जीवन में अपना कर आप पीरियड्स को नियमित करने में मदद करते हैं।
- आप सोने और जागने का समय निश्चित करें। अपने भोजन में पोषक तत्वों को स्थान दें और संतुलित मात्रा में भोजन ग्रहण करें।
- पर्याप्त मात्रा में पानी पीएं, अपने शरीर को हाइड्रेड रखें।
- बाजार के चटपटे खाने से बचें।
- शराब, सिगरेट और अन्य नशों से दूर रहें।
- सुबह श्याम सैर करें।
- हल्का फुल्का योग और व्यायाम करें।
- अपने वजन को नियंत्रित रखें, वजन को बढ़ने ना दें।
- मानसिक रूप से तनाव मुक्त रहने का अभ्यास करें और खुश रहने का प्रयत्न करें।
- समस्या को देखते हुए स्वंय इसका इलाज ना ढूंढे, इसके स्थान पर विशेषज्ञ डॉक्टर से परामर्श करें।
पीरियड्स को सही समय पर लाने के लिए और स्वंय को स्वस्थ रखें के लिए कुछ योगासन
- मत्स्यासन
- हलासन
- धनुरासन
- मालासन
- शवासन
पीरियड्स के लेट/मिस हो जाने से सम्बंधित अक्सर ही पूछे जाने वाले प्रश्न।
मिस्ड पीरियड्स किसे कहते हैं ?पीरियड्स के आने की आखिरी तिथि से आगे के ०६ हफ़्तों के अंदर यदि दूसरा पीरियड्स नहीं आता है तो यह मिस्ड पीरियड कहलाता है।
यदि डॉक्टर से अनियमित पीरियड्स का उपयोग ना करवाया जाए तो पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम जैसे विकार उत्पन्न हो सकते हैं।
सामान्य रूप से पीरियड्स पहले हो चुके पीरियड्स के बाद 21 से 35 दिनों में शुरू हो जाने चाहिए।
वज्रासन, बद्धकोणासन, पश्चिमोत्तासन और धनुरासन को आप प्रशिक्षित योगाचर्य की देखरेख में कर सकते हैं।
वजन के घटने या बढ़ने दोनों से ही पीरियड्स मिस हो सकता है। वजन बढ़ने से हार्मोन्स असंतुलित हो जाते हैं।
पीरियड्स जल्दी लाने के उपाय PERIODS JALDI LAANE KA TARIKA / How to bring Periods
Source
- Factors associated with menstrual cycle irregularity and menopause
- Period problems
- Eating behaviors, nutritional status, and menstrual function in elite female adolescent volleyball players
- Herbal Medicine for Oligomenorrhea and Amenorrhea: A Systematic Review of Ancient and Conventional Medicine
- Effect of fennel on pain intensity in dysmenorrhoea: A placebo-controlled trial
- Herbal Medicine for Oligomenorrhea and Amenorrhea: A Systematic Review of Ancient and Conventional Medicine
- Turmeric, the Golden Spice
- Preliminary evidence that cinnamon improves menstrual cyclicity in women with polycystic ovary syndrome: a randomized controlled trial
- The Effect of Cinnamon on Menstrual Bleeding and Systemic Symptoms With Primary Dysmenorrhea
- What Carotenes Do for You