कमर दर्द दूर करे आकर्ण धनुरासन विधि जानिए
ऑफिस में काम करना हो या दूकान का, लगातार बैठे रहने वाले कार्यों, ड्राइविंग आदि के कारण से
पीठ दर्द और अकड़न स्वाभाविक है। लगातार बैठे रहने से कमर की मांसपेशियां कमजोर होने लगती है और दर्द का कारण बनने लगती हैं। ऐसे में आप नियमित रूप से
योगासन के माध्यम से कमर दर्द में सुधार ला सकते हैं। इस लेख में आप आकर्ण धनुरासन की विधि और इसके फायदों के बारे में जानेंगे। इस आसन के अभ्यास से कमर लचीली बनती है और मांशपेशियां भी मजबूत बनती हैं।
प्राचीन योग ग्रंथों में आकर्ण धनुरासन का जिक्र हठयोग और धनुराकर्षण के रूप में मिलता है। हठयोग प्रदीपिका व घेरंड संहिता जैसे ग्रंथ इसे रीढ़ को मजबूत करने और प्राण शक्ति बढ़ाने वाले आसन के रूप में बताते हैं। स्वात्माराम और घेरंड ऋषि इसे धनुष की तरह शरीर खींचकर नाड़ियों को शुद्ध करने का साधन मानते हैं।
यदि आप
स्लिप डिस्क, कमर दर्द, गर्भाधान की अवस्था में हों तो आपको कोई भी योगासन स्वंय से नहीं करने चाहिए और इस विषय में योगाचार्य, चिकत्सक की सलाह लेनी चाहिए। सामान्य अवस्थाओं में आप इस योग को अपने अभ्यास में ला सकते हैं।
जानिये क्या है आकर्ण धनुरासन?
आकर्ण धनुरासन नाम से ही स्पष्ट है की यह आसान धनुष/bow पोज़ से सम्बंधित है। यह आसान शरीर को धनुष-बाण की तरह शरीर को Stretch/खींचने वाली मुद्रा बनाता है। इसमें धनुस और तीर की भाँती शरीर को खींचना होता है। मोरारजी देसाई नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ योगा के अनुसार, इसमें एक पैर को हाथ से पकड़कर कान के पास लाते हैं, जिससे रीढ़, जांघें और कूल्हे की मांशपेशियां मजबूत बनती हैं।
धनुरासन स्टेप्स- सबसे पहले दाएं पैर का अंगूठा बाएं हाथ से पकड़ें, बाएं पैर सीधा रखें। दाएं हाथ से बाएं पैर का अंगूठा पकड़ें।
- सांस अंदर लें, दाएं पैर को ऊपर उठाकर बाएं कान के पास ले आएं। धड़ सीधा रखें।
- 20-30 सेकंड रुकें, सांस सामान्य रखें। फिर सांस छोड़ें, पैर नीचे लाएं।
- दूसरी तरफ दोहराएं: बाएं पैर का अंगूठा दाएं हाथ से पकड़ें। 4-5 बार करें।
सावधानियांसुबह पूर्व या शाम पश्चिम दिशा में करें। घुटने या पीठ दर्द हो तो न करें। शुरुआत में कम समय रखें, अभ्यास से बढ़ाएं।
आकर्ण धनुरासन के फायदे
इस आकर्ण धनुरासन शरीर को धनुष की तरह खींचने वाली मुद्रा है, जो कई प्रकार से लाभ देता है। रोजाना पांच से दस मिनट तक इस आसान के अभ्यास से
मांसपेशियों को ताकत मिलती है और वे मजबूत बनती हैं और इससे उनमे लचीलापन आता है। नियमित रूप से इस व्यायाम को करने पर रीढ़ की हड्डी का दर्द दूर होता है। नियमित अभ्यास से पाचन ठीक होता है, ऊर्जा बढ़ती है और तनाव कम होता है।
जांघों और पैरों की मांशपेशियों के लिए फायदेमंद
इस आसन में पैर को कान तक लाने की कोशिश से हैमस्ट्रिंग खुलती हैं, कूल्हे लचीले बनते हैं। जांघों की मांसपेशियां टाइट होकर मजबूत हो जाती हैं, जैसे कोई पुरानी उलझन सुलझ जाए। बैठने वालों को खास फायदा, क्योंकि ये हिस्से कमजोर पड़ जाते हैं। बस धीरे-धीरे खींचें, जल्दबाजी न करें। आकर्ण धनुरासन
जांघों, कूल्हों और पैरों के पीछे की मांसपेशियों के लिए सबसे बढ़िया रामबाण है। पैर ऊपर उठाकर खींचने से इन हिस्सों में गहरा स्ट्रेच पड़ता है, जो जकड़न दूर भगाता है। रोज थोड़ा अभ्यास करें तो दर्द भाग जाता है, चलना फिरना आसान लगने लगता है।
रीढ़ की हड्डी को लचीला बनाकर दर्द दूर करे Enhances Spinal Health
इस मुद्रा में पीठ को धीरे से खींचने से रीढ़ लचीली बनती है, साइटिका का दर्द कम होता है। कुर्सी पर दिनभर झुककर काम करने वाले इसे आजमाएं, शाम तक थकान नहीं सताएगी। बस सांस पर ध्यान रखें, जोर न लगाएं। आकर्ण धनुरासन रीढ़ की हड्डी को नई ताकत देता है। रोज थोड़ा अभ्यास करें तो वो जकड़न दूर हो जाती है।
कंधों की जकड़न दूर करने में लाभकारी
आकर्ण धनुरासन कंधों की जकड़न को दूर भगाने का आसान तरीका है। दिनभर कुर्सी पर झुककर काम करने वाले लोग इसे करें कन्धों की जकडन और खीचाव दूर होता है। कन्धों की मांसपेशिया मजबूत बनती हैं। पैर पकड़कर खींचने से कंधों की मांसपेशियां बनती हैं, खराब पोस्चर ठीक हो जाता है। सोचिए, कंप्यूटर स्क्रीन पर घंटों निगाहें टिकाए रहते हैं, तो शाम को कंधे अकड़ जाते हैं, इस आसन से सुधार होता है।
पाचन तंत्र/पेट के लिए लाभकारी
आकर्ण धनुरासन पेट की परेशानियों को जड़ से मिटाने का सरल उपाय है। रोज इसे करने से कब्ज-अपच, गैस आदि में सुधार होता है। पेट हल्का रहता है, भोजन आसानी से पच जाता है। इस मुद्रा में पेट पर हल्का दबाव पड़ता है, जो अंदरूनी अंगों को जगाता है। गैस या ब्लोटिंग की दिक्कत वाले इसे आजमाएं—दिनभर भारीपन नहीं रहता है।
यह लेख भी पढ़िए....
इससे भोजन पचाना आसान हो जाता है, सुबह उठते ही ताजगी का एहसास होता है। जैसे कोई बोझ उतर गया हो, पूरा दिन हल्कापन बना रहता है। सांस लेने के साथ पेट की मांसपेशियां सक्रिय होती हैं, गैस की दिक्कत कम होती है। आकर्ण धनुरासन ताकत, लचीलापन, विश्राम और मन की एकाग्रता बढ़ाने वाला शानदार योग आसन है। शुरू में ये थोड़ा कठिन लग सकता है, लेकिन नियमित अभ्यास से इसे आसानी से सीखा जा सकता है और इसके पूरे फायदे उठाए जा सकते हैं।
यह जानकारी केवल सामान्य ज्ञान के लिए है। कोई भी योग आसन या स्वास्थ्य सलाह अपनाने से पहले डॉक्टर या योग विशेषज्ञ से सलाह लें। इससे चोट या स्वास्थ्य समस्या हो सकती है। हम कोई चिकित्सकीय सलाह नहीं दे रहे। अपनी जिम्मेदारी पर अभ्यास करें।
यह लेख भी पढ़िए....