मौनजारो इंजेक्शन से क्या वाकई वजन कम होता है

मौनजारो इंजेक्शन से क्या वाकई वजन कम होता है

वर्तमान जीवन शैली ही ऐसी है की हर कोई मोटापे से परेशान है जिसका कारण खान पान और शारीरिक परिश्रम का अभाव है। मोटापे से छुटकारा पाने के लिए आयुर्वेद में कई उपाय हैं, जो सरल और प्रभाव हैं (मर्कटासन वजन घटाए फायदे और विधि) । इसके आलावा अभी मौनजारो इंजेक्शन भी प्रचलन में जो वजन को कम करने के लिए उपयोग में लिया जाता है। इस लेख में आप इसके विषय में विस्तार से जानेंगे की यह इंजेक्शन क्या है और कैसे इसके उपयोग से बढ़ते वजन को कम किया जा सकता है। 

मौनजारो क्या वाकई वजन कम होता है

मौनजारो इंजेक्शन वजन घटाने में प्रभावी दवा है, जो टाइप 2 डायबिटीज और मोटापे के इलाज के लिए इस्तेमाल होती है। क्लिनिकल ट्रायल्स में यह 15-22% तक वजन कम करने में सफल रही है, जिस पर अभी भी शोध जारी है।

​मौनजारो कितना वजन घटाता है?

क्लिनिकल अध्ययनों जैसे SURMOUNT-1 में 72 सप्ताहों में 15mg डोज पर औसतन 22.5% वजन घटा, यानी करीब 23 किलो। भारत में एक्सपर्ट्स के अनुसार, 6-12 महीनों में 15-20% वजन कमी संभव है, जो व्यक्ति की स्थिति, डाइट और व्यायाम पर निर्भर करता है। प्लेसिबो की तुलना में यह काफी बेहतर परिणाम देता है, लेकिन लंबे समय तक इस्तेमाल की जरूरत पड़ती है।

​यह कैसे काम करता है?

मौनजारो का सक्रिय तत्व टिर्जेपेटाइड GIP और GLP-1 हार्मोन की नकल करता है, जो इंसुलिन स्राव बढ़ाता है, ब्लड शुगर नियंत्रित करता है। यह भूख दबाता है, पेट खाली होने की प्रक्रिया धीमी करता है, जिससे लंबे समय तक तृप्ति महसूस होती है और कैलोरी बर्न बढ़ती है। नतीजतन, ओबेसिटी और डायबिटीज दोनों में फायदा होता है।
  • GIP रिसेप्टर सक्रियण: इंसुलिन संवेदनशीलता बढ़ाता है और वसा चयापचय को बेहतर बनाता है।
  • ​GLP-1 रिसेप्टर सक्रियण: अग्नाशय से इंसुलिन स्राव बढ़ाता है, ग्लूकागन दबाता है।
  • ​भूख नियंत्रण: मस्तिष्क में भूख के सिग्नल को कमजोर कर ऐपेटाइट दबाता है।
  • ​पेट खाली होने की प्रक्रिया धीमी: लंबे समय तक तृप्ति महसूस होती है, कैलोरी इनटेक घटता है।
  • ​ब्लड शुगर नियंत्रण: भोजन के बाद ग्लूकोज स्पाइक्स रोकता है, HbA1c कम करता है।
  • ​कुल प्रभाव: 15-22% वजन कमी, डायबिटीज प्रबंधन और मेटाबॉलिक स्वास्थ्य सुधार।

​उपयोग की शर्तें और डोज

यह BMI 27+ वाले या मोटापे से ग्रस्त लोगों के लिए डॉक्टर प्रिस्क्रिप्शन पर उपलब्ध है, बिना प्रिस्क्रिप्शन नहीं मिलती। डोज हफ्ते में एक बार इंजेक्शन, 2.5mg से शुरू होकर 15mg तक बढ़ाई जाती है। गर्भवती, स्तनपान कराने वाली महिलाओं, थायरॉइड कैंसर या किडनी की समस्या वालों को contraindicated है।

​साइड इफेक्ट्स और सावधानियां

सामान्य साइड इफेक्ट्स में उबकाई, उल्टी, डायरिया, कब्ज शामिल हैं, जो समय के साथ कम हो जाते हैं। गंभीर साइड इफ़ेक्ट जैसे पैंक्रियाटाइटिस, किडनी इश्यू या इपोग्लाइसीमिया हो सकते हैं, इसलिए मॉनिटरिंग जरूरी। हमेशा डॉक्टर से सलाह लें और लाइफस्टाइल चेंजेस अपनाएं। 
 
ड्यूल-एगोनिस्ट तकनीक
ओजेम्पिक (सेमाग्लूटाइड) केवल GLP-1 रिसेप्टर पर काम करता है, जबकि मौनजारो टिर्जेपेटाइड दोनों हार्मोन को प्रभावित कर भूख को कम करती है और पेट में खालीपन कम महसूस होता है। इससे लंबे समय तक पेट भरा महसूस होता है, जिससे भूख नहीं लगती है और जिसके कारण कैलोरी कम होती है और ब्लड शुगर नियंत्रित रहता है। डॉ. वांग कहती हैं, "यह भूख नियंत्रण पर आश्चर्यजनक प्रभाव डालती है।"

​भारत में उपलब्धता और कीमत

अप्रैल 2025 में लॉन्च हुई, कीमत 2.5mg वायल के लिए ₹3,500 से ₹25,000 तक मासिक। अमेरिका की तुलना में सस्ती, लेकिन कोर्स महंगा पड़ता है।

डिस्क्लेमर: यह जानकारी सामान्य है, चिकित्सा सलाह नहीं। डॉक्टर से परामर्श करें।
 
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