लूज़ सिरप परिचय उपयोग फायदे विधि

लूज़ सिरप परिचय उपयोग फायदे विधि Looz Syrup Uses Benefits Ingredients

लूज़ सिरप एक कब्ज दूर करने की सिरप, पीने की ओषधि है। यह सिरप अजीर्ण, कब्ज, गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल विकार, आफरा, पेट फूलना, खट्टी डकारों के लिए उपयोगी है। लूज़ सिरप एक ओस्मोटिक लैक्सेटिव है जो मुख्य रूप से कब्ज़ (कॉन्स्टिपेशन) को दूर करने के लिए उपयोग किया जाता है। इसमें लैक्टुलोज़ (10 ग्राम/15 मिली) सक्रिय तत्व होता है, जो शरीर द्वारा अवशोषित नहीं होता और बड़ी आंत में जाकर पानी का संग्रहण करता है। इससे आंतो में जमा सख्त मल नरम हो जाता है और मलत्याग सुगम हो जाता  है। यह लीवर संबंधी विकारों जैसे हेपेटिक एन्सेफेलोपैथी में भी अमोनिया को कम करने में सहायक है। 
 
Looz Syrup Uses Benefits Ingredients

लूज़ सिरप घटक

लूज़ सॉल्यूशन 500 मिलीलीटर में लैक्टुलोज़ (10,000 मिलीग्राम प्रति 15 मिलीलीटर) सक्रिय तत्व है। यह एक सिंथेटिक डाइसैकेराइड (चीनी का प्रकार) है जो आंत में पानी को बढ़ाता है, मल को नरम बनाता है। कब्ज़ में मलत्याग आसान होता है, जबकि लीवर डिसफंक्शन में अमोनिया अवशोषण कम कर मस्तिष्क कार्य को दुरुस्त करता है।  
 
लैक्टुलोज़ एक सिंथेटिक डाइसैकेराइड शुगर होती है, जो मुख्य रूप से कब्ज़ दूर करने और लीवर संबंधी विकारों में उपयोगी ओस्मोटिक लैक्सेटिव होती है। यह बड़ी आंत में पानी का संग्रहण कर मल को नरम बनाता है और अमोनिया स्तर को भी कम करता है।

लैक्टुलोज़ गैलेक्टोज़ और फ्रक्टोज़ से बनी मानव-निर्मित सुगर है, जो छोटी आंत में अवशोषित नहीं होती। कोलन में बैक्टीरिया द्वारा टूटकर यह ऑस्मोटिक प्रभाव पैदा करती है, जिससे आंतों में तरल पदार्थ बढ़ता है। कब्ज़ में मलत्याग आसान होता है, जबकि हेपेटिक एन्सेफेलोपैथी में अमोनिया को गैर-विषाक्त रूप में बदलकर मल के साथ बाहर निकालती है। 

कब्ज़ क्या है

कब्ज़ पाचन की एक समस्या है जिसमें मलत्याग न होना या मलत्याग में कठिनाई होना, मल का अधिल सख्त होना, और गैस, अजीर्ण आदि लक्षण शामिल है। कब्ज के लक्षणों में पेट में भारीपन, गैस, सूजन, सिरदर्द, भूख न लगना और कभी-कभी उल्टी शामिल हैं। कारणों में कम पानी पीना, फाइबर युक्त भोजन की कमी, शारीरिक निष्क्रियता, तनाव, थायरॉइड विकार, कैल्शियम-पोटैशियम की कमी या आंतों की बीमारियां हो सकती हैं।
 
आधुनिक जीवनशैली जैसे शारीरिक श्रम का अभाव व्यायाम ना करना और प्रोसेस्ड फूड कब्ज़ को बढ़ाते हैं। पुरानी कब्ज़ बवासीर या फिशर जैसी जटिलताओं का कारण बन सकती है। आयुर्वेद में इसे 'वात विकृति' माना जाता है, जहां पाचन अग्नि मंद हो जाती है। 

लूज़ सिरप के फायदे

लूज़ सिरप कब्ज़ से तत्काल राहत प्रदान करता है क्योंकि यह मल में पानी की मात्रा बढ़ाकर नरम बनाता है। हेपेटिक एन्सेफेलोपैथी में यह रक्त से अमोनिया को कोलन में खींचकर विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालता है। यह पेट दर्द, ब्लोटिंग और गैस जैसी असुविधाओं को कम करता है। 
 
अन्य फायदों में प्राकृतिक मलत्याग को सुगम करना, डिहाइड्रेशन को रोकना और लंबे समय तक सुरक्षित उपयोग शामिल है। क्लिनिकल स्टडीज में यह क्रॉनिक कब्ज़ में भी प्रभावी पाया गया है। 
 

लूज़ सिरप की खुराक

वयस्कों में लूज़ सिरप की सामान्य खुराक कब्ज़ के इलाज के लिए प्रतिदिन 15 से 30 मिलीलीटर होती है। इसे एक बार में या दो भागों में भोजन के बाद लिया जा सकता है। 1 से 5 वर्ष के बच्चों के लिए 5-10 मिलीलीटर प्रतिदिन, जबकि 6-12 वर्ष के लिए 10-15 मिलीलीटर पर्याप्त है। ​ 
 

लूज़ सिरप सावधानियां

लूज़ सिरप लेने से पहले डॉक्टर से परामर्श लें, विशेषकर गर्भावस्था, स्तनपान, डायबिटीज या लैक्टोज असहिष्णुता में। गैलेक्टोसेमिया, आंतों में रुकावट, क्रोहन रोग या पेप्टिक अल्सर में contraindicated। 
 

कब्ज़ से कैसे बचें

कब्ज़ रोकने के लिए रोजाना 8-10 गिलास पानी पिएं और फाइबर युक्त भोजन जैसे फल (पपीता, केला), सब्जियां, साबुत अनाज लें। व्यायाम जैसे योग (भुजंगासन, पवनमुक्तासन) या 30 मिनट वॉक दैनिक करें। कब्ज दूर करने के लिए आप नीचे दिए गए उपायों को अपनाएँ। 

आयुर्वेदिक उपाय: रात को इसबगोल गुनगुने पानी के साथ लें, त्रिफला चूर्ण पिएं, एलोवेरा जूस या नारियल पानी का सेवन करें। मल को रोकें न, समय पर शौच जाएं। तैलीय, मसालेदार भोजन से परहेज करें

साइड इफेक्ट्स: गैस, मतली, उल्टी, दस्त, पेट दर्द। अधिक मात्रा में डायरिया या इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन हो सकता है। अन्य दवाओं (थियाजाइड्स, स्टेरॉयड्स) के साथ इंटरैक्ट कर सकता है। शेक करके लें, 25°C से नीचे स्टोर करें। लंबे उपयोग के उपरान आप शरीर में पोटैशियम जांच करवाएं। 

भंडारण निर्देश

लूज़ सॉल्यूशन को ठंडी, सूखी जगह पर रखें, तापमान 2°C से 30°C तक हो। फ्रीजिंग से बचाएं क्योंकि इससे गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। बोतल को सीधी धूप या नमी से दूर रखें । उपयोग से पहले बोतल को शेक कर लें । लूज़ ओरल सॉल्यूशन के सुरक्षित उपयोग के लिए लेबल ध्यानपूर्वक पढ़ें और बच्चों की पहुंच से दूर रखें। सूखे स्थान पर स्टोर करें, जहां सीधी धूप, नमी या गर्मी न पहुंचे। चिकित्सक द्वारा बताई गई खुराक से अधिक न लें और फ्रीज में न रखें।

​सामान्य सुरक्षा सावधानियां

लेबल पढ़ें: खुराक, उपयोग विधि और चेतावनियां जांचें।
बच्चों से दूर: गलती से निगलने से बचाने के लिए ऊंचाई पर रखें।
अधिक खुराक न लें: ओवरडोज से डायरिया या डिहाइड्रेशन हो सकता है।
पर्यावरण: गर्मी, आर्द्रता से उत्पाद खराब हो सकता है। 
 

कब्ज से बचाव के तरीके

यदि आप कब्ज विकार से ग्रसित हैं तो आप नीचे दिए गए तरीकों को अपनाएँ और कब्ज को दूर करें। कब्ज़ को दूर करने के तरीके कई प्राकृतिक, आयुर्वेदिक और जीवनशैली आधारित हैं, जो घर पर आसानी से अपनाए जा सकते हैं। ये उपाय फाइबर, पानी और व्यायाम पर केंद्रित हैं, जो पाचन को मजबूत बनाते हैं।

गुनगुना पानी का उपयोग कब्ज दूर करने के लिए
सुबह खाली पेट गुनगुना पानी पिएं, इसमें नींबू मिला सकते हैं। यह आंतों को सक्रिय कर मल को नरम बनाता है और विषाक्त पदार्थ बाहर निकालता है। रोजाना 8-10 गिलास पानी पीना कब्ज़ रोकने का सबसे सरल तरीका है।

​त्रिफला चूर्ण का उपयोग
रात को सोने से पहले 1 चम्मच त्रिफला चूर्ण गुनगुने पानी के साथ लें। यह पाचन अग्नि बढ़ाता है और पुरानी कब्ज़ में जड़ से राहत देता है। 6 महीने तक नियमित उपयोग से स्थायी लाभ मिलता है।

इसबगोल की भूसी
रात में 1-2 चम्मच इसबगोल गुनगुने पानी या दूध के साथ लें। फाइबर से भरपूर यह मल को नरम कर आंतों की सफाई करता है। क्रॉनिक कब्ज़ में विशेष रूप से प्रभावी।

​घी और गर्म दूध
सोने से पहले 1 चम्मच घी गर्म दूध में मिलाकर पिएं। घी आंतों को चिकना बनाता है और मलत्याग सुगम करता है। आयुर्वेद में यह वात दोष संतुलित करने वाला माना जाता है।

पपीता खाएं
रोजाना पपीते का सेवन करें, जो पपेन एंजाइम से पाचन सुधारता है। फाइबर युक्त यह कब्ज़ से तुरंत राहत देता है। सुबह नाश्ते में खाएं।

मुनक्का भिगोकर
8-10 मुनक्का रात भर भिगोकर सुबह बीज निकालकर दूध के साथ खाएं। यह प्राकृतिक रेचक है और आंतों की गति बढ़ाता है।

​नींबू शहद पानी
गुनगुने पानी में आधा नींबू और 1 चम्मच शहद मिलाकर सुबह पिएं। विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट्स पाचन क्रिया को बेहतर बनाते हैं।

एलोवेरा जूस
सुबह खाली पेट 2 चम्मच एलोवेरा जूस लें। यह आंतों को साफ करता है और कब्ज़ दूर भगाता है। त्वचा के लिए भी लाभकारी।
Looz Syrup Uses Benefits Ingredients


योग व्यायाम
पवनमुक्तासन, भुजंगासन या सूर्य नमस्कार रोज 15-20 मिनट करें। व्यायाम आंतों की मांसपेशियों को सक्रिय रखता है और कब्ज़ रोकता है।

​फाइबर युक्त आहार
हरी सब्जियां, साबुत अनाज, फल (सेब, केला) बढ़ाएं। तैलीय-मसालेदार भोजन कम करें जिससे की मल नरम रहता है और कब्ज दूर होता है.

​यह जानकारी केवल शैक्षिक उद्देश्य से है और चिकित्सकीय सलाह का विकल्प नहीं। लूज़ सिरप या कोई दवा बिना डॉक्टर की सलाह के न लें। साइड इफेक्ट्स दिखने पर तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें। स्व-उपचार से जटिलताएं हो सकती हैं। आयुर्वेदिक उपाय सामान्य हैं, व्यक्तिगत सलाह लें। 
Next Post Previous Post
No Comment
Add Comment
comment url