टॉयलेट में लहसुन की कली क्यों डालते हैं लोग

टॉयलेट में लहसुन की कली क्यों डालते हैं लोग? वजह जानकर हो जाएंगे हैरान!

आजकल सोशल मीडिया पर एक नया ट्रेंड चल रहा है – लोग रात को सोने से पहले टॉयलेट बाउल में एक-दो लहसुन की कलियां डालकर फ्लश कर देते हैं। कुछ लोग इसे कीड़े-मकोड़ों को भगाने का रामबाण मानते हैं, कुछ बदबू कम करने के लिए, तो कुछ इसे घरेलू सफाई का आसान तरीका बताते हैं। यह चलन इतना बढ़ गया है कि कई घरों में यह रोज की आदत बन गई है। लेकिन क्या यह सच में काम करता है? या सिर्फ एक अफवाह है? 
 
Flushing garlic down the toilet

लहसुन में अलिसिन नाम का तत्व होता है, जो बैक्टीरिया और फंगस से लड़ता है। यही वजह है कि लोग सोचते हैं कि यह टॉयलेट को साफ रखेगा। लेकिन हकीकत क्या है? चलिए विस्तार से जानते हैं कि लोग ऐसा क्यों करते हैं, क्या फायदे हैं, क्या नुकसान हैं और क्या यह सच में कारगर है। यह जानकारी हाल की रिपोर्ट्स, सोशल मीडिया ट्रेंड और प्लंबिंग एक्सपर्ट्स की राय पर आधारित है।

लोग टॉयलेट में लहसुन की कली क्यों डालते हैं? मुख्य वजहें

यह ट्रेंड मुख्य रूप से सोशल मीडिया, यूट्यूब और इंस्टाग्राम रील्स से फैला है। लोग निम्न वजहों से ऐसा करते हैं:

कीड़े-मकोड़े भगाने के लिए

लहसुन की तेज सोंधी गंध से कॉकरोच, चूहे, मच्छर और ड्रेन से आने वाले छोटे कीड़े दूर रहते हैं। लोग मानते हैं कि पानी के साथ फ्लश होने पर गंध पाइपलाइन में फैल जाती है और कीड़े टॉयलेट के आसपास नहीं आते। खासकर मानसून में यह ट्रेंड ज्यादा चलता है।

टॉयलेट की बदबू कम करने के लिए

लहसुन में एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं, जो बदबू पैदा करने वाले बैक्टीरिया को कुछ हद तक कम कर सकते हैं। रात भर टॉयलेट में रखने पर सुबह बदबू कम लगती है। कुछ लोग इसे "नेचुरल एयर फ्रेशनर" मानते हैं।

पीले दाग और गंदगी साफ करने के लिए

कुछ लोग लहसुन को कूटकर गर्म पानी में उबालते हैं और वह पानी टॉयलेट में डालते हैं। इससे जमी हुई गंदगी और पीले दाग नरम हो जाते हैं, जिससे ब्रश से साफ करना आसान लगता है।

क्या हैं दावा किए गए फायदे? कितना सच है?

लहसुन की गंध से कुछ कीड़े दूर रह सकते हैं, लेकिन यह स्थायी नहीं। अगर ड्रेन में कीड़े आ रहे हैं, तो बेहतर है कीटनाशक या प्लंबर बुलाएं। अलिसिन बैक्टीरिया को कम कर सकता है, इसलिए हल्की बदबू में फर्क पड़ सकता है। लेकिन यह परफ्यूम नहीं है – गंध खुद भी सोंधी हो सकती है। उबले लहसुन के पानी से दाग नरम होते हैं, लेकिन यह हार्श केमिकल क्लीनर जितना असरदार नहीं। रेडिट और अन्य फोरम पर लोग कहते हैं कि यह "कुछ हद तक" काम करता है, लेकिन ब्रश और क्लीनर की जगह नहीं ले सकता।

नुकसान और जोखिम क्या हैं?

लहसुन की कली पूरी तरह घुलती नहीं, खासकर पुराने पाइप में। कई बार यह जमा होकर ब्लॉकेज पैदा करती है।
सेप्टिक टैंक जल्दी भर सकता है अगर घर में सेप्टिक सिस्टम है, तो रोजाना लहसुन डालने से टैंक में ऑर्गेनिक मैटर बढ़ता है, जिससे स्लज ज्यादा बनती है और टैंक जल्दी भर जाता है। प्लास्टिक या पुराने पाइप में लहसुन के टुकड़े फंस सकते हैं, जिससे पानी का बहाव रुक जाता है। गंध खुद परेशान कर सकती है लहसुन की सोंधी गंध टॉयलेट में फैल सकती है, जो कुछ लोगों को और ज्यादा परेशान करती है। एक्सपर्ट्स कहते हैं कि कभी-कभार एक-दो कली डालने से बड़ा नुकसान नहीं, लेकिन रोजाना करने से बचें।

बेहतर विकल्प क्या हैं?


  • टॉयलेट साफ रखने के लिए नियमित ब्रश और अच्छा क्लीनर इस्तेमाल करें।
  • बदबू के लिए ब्लीच या विनेगर-बेकिंग सोडा का घोल डालें।
  • कीड़े भगाने के लिए ड्रेन में नींबू-नमक या कीटनाशक स्प्रे करें।
  • अगर समस्या ज्यादा है, तो प्लंबर बुलाएं – घरेलू नुस्खे से ज्यादा समय बर्बाद न करें।
यह ट्रेंड देसी नुस्खे का एक उदाहरण है, लेकिन हर चीज पर भरोसा न करें। लहसुन खाने में बहुत फायदेमंद है, लेकिन टॉयलेट में डालने से ज्यादा फायदा नहीं, नुकसान ज्यादा हो सकता है। अगली बार कोई ऐसा वीडियो देखें, तो पहले सोचिए – क्या यह सच में काम करेगा?

(यह जानकारी सामान्य जागरूकता, हाल की रिपोर्ट्स और एक्सपर्ट राय पर आधारित है। यह किसी तकनीकी या स्वास्थ्य सलाह की जगह नहीं ले सकती। अगर प्लंबिंग समस्या हो तो विशेषज्ञ से संपर्क करें।)
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