चाय कॉफी गर्म खाने के लिए पेपर प्लेट-कप दुष्परिणाम

चाय, कॉफी और गर्म खाने के लिए पेपर प्लेट-कप क्यों खतरनाक? डॉक्टरों ने गिनाए ये बड़े खतरे

आजकल बाजार, दुकानों, ऑफिस, ट्रेन या घर पर भी चाय-कॉफी पीने के लिए पेपर कप और गर्म खाने के लिए पेपर प्लेट बहुत आम हो गए हैं। लोग सोचते हैं कि ये पर्यावरण के लिए बेहतर हैं और प्लास्टिक से सुरक्षित विकल्प हैं, लेकिन सच ये है कि ये पूरी तरह सुरक्षित नहीं हैं। खासकर गर्म चाय, कॉफी या गरम खाना इनमें डालने से कई तरह के खतरे पैदा होते हैं। हाल ही में (जनवरी 2026) आज तक के एक लेख में डॉक्टरों ने इनके जोखिमों को विस्तार से बताया है। IIT खड़गपुर जैसी संस्थाओं की पुरानी और नई रिसर्च भी यही चेतावनी देती हैं कि इनमें प्लास्टिक की पतली परत होती है, जो गर्मी से पिघलकर जहरीले कण छोड़ती है।

चाय कॉफी गर्म खाने के लिए पेपर प्लेट-कप के दुष्परिणाम


चलिए विस्तार से समझते हैं कि पेपर कप और प्लेट में गर्म चीजें क्यों खतरनाक हैं, क्या-क्या खतरे हैं, वैज्ञानिक अध्ययन क्या कहते हैं और इनसे बचने के आसान तरीके क्या हैं। यह जानकारी रिसर्च, डॉक्टरों की राय और हाल के रिपोर्ट्स पर आधारित है।

पेपर कप और प्लेट कैसे बनते हैं और क्यों लगती है प्लास्टिक की परत?


पेपर कप-प्लेट सिर्फ कागज से नहीं बने होते। इनमें पानी और तेल से बचाने के लिए अंदरूनी तरफ पॉलीइथिलीन (PE) या अन्य प्लास्टिक/पॉलिमर की बहुत पतली कोटिंग चढ़ाई जाती है। ये कोटिंग गर्म तरल (90 डिग्री सेल्सियस तक) के संपर्क में आने पर नर्म हो जाती है और टूटने लगती है। सूक्ष्म प्लास्टिक कण (माइक्रोप्लास्टिक) और जहरीले केमिकल भोजन या पेय में मिल जाते हैं। ये कण इतने छोटे होते हैं कि नजर नहीं आते, लेकिन शरीर में जाकर जमा हो जाते हैं।

मुख्य खतरे और स्वास्थ्य पर असर

डॉक्टरों और रिसर्च के मुताबिक, रोजाना इनका इस्तेमाल करने से ये समस्याएं हो सकती हैं:

माइक्रोप्लास्टिक का बड़ा खतरा

IIT खड़गपुर की रिसर्च (2020 और बाद की) के अनुसार, एक पेपर कप में 15 मिनट गर्म पानी या चाय रखने पर करीब 25,000 माइक्रोप्लास्टिक कण निकलते हैं। अगर कोई व्यक्ति दिन में 3 कप चाय या कॉफी पेपर कप में पीता है, तो उसके शरीर में रोजाना 75,000 तक माइक्रोप्लास्टिक कण जा सकते हैं। ये कण आंतों में जमा होकर सूजन पैदा करते हैं, माइक्रोबायोम (आंतों के अच्छे बैक्टीरिया) को बिगाड़ते हैं और इम्यूनिटी कमजोर करते हैं। लंबे समय में ये लीवर, किडनी, दिल और यहां तक कि कैंसर जैसी बीमारियों का जोखिम बढ़ा सकते हैं।

कैंसर और हार्मोनल असंतुलन का खतरा

प्लास्टिक कोटिंग में PFAS (परफ्लोरोअल्काइल सब्स्टेंस) जैसे केमिकल्स हो सकते हैं, जो गर्मी में निकलकर हार्मोन बिगाड़ते हैं। कुछ स्टडीज में ये एंडोक्राइन डिसरप्टर माने गए हैं, जो थायरॉइड, प्रजनन स्वास्थ्य और कैंसर से जुड़े हैं। हालांकि डायरेक्ट कैंसर का लिंक अभी पूरी तरह साबित नहीं, लेकिन जोखिम बहुत ज्यादा है।

पाचन तंत्र पर बुरा असर

अहमदाबाद के कार्डियोवैस्कुलर सर्जन डॉ. भूपेश शाह के अनुसार, ये सूक्ष्म कण आंतों की परत में जलन पैदा करते हैं। इससे IBS (इरिटेबल बाउल सिंड्रोम), गैस, ब्लोटिंग या लंबे समय में क्रॉनिक इन्फ्लेमेशन हो सकता है।

अन्य जहरीले केमिकल्स और भारी धातु

गर्मी से प्लास्टिक में मौजूद आयन, भारी धातु (जैसे लेड) और अन्य टॉक्सिन्स निकलते हैं। ये शरीर में जाकर ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस बढ़ाते हैं और सेल्स को नुकसान पहुंचाते हैं।

गर्म प्लेट में खाने का खतरा

पेपर प्लेट में गरम समोसा, चाट या सब्जी रखने से भी वही प्लास्टिक कोटिंग पिघलती है। इससे खाने में माइक्रोप्लास्टिक मिल जाते हैं, जो बच्चों और बुजुर्गों के लिए और ज्यादा खतरनाक है।

वैज्ञानिक अध्ययन क्या कहते हैं?

गर्म पेय में माइक्रोप्लास्टिक, आयन और हेवी मेटल्स रिलीज होते हैं। हाल के 2025-2026 रिपोर्ट्स: रोजाना इस्तेमाल से लाइफटाइम में लाखों कण शरीर में जमा हो सकते हैं। कुछ एक्सपर्ट्स कहते हैं कि ठंडे ड्रिंक्स में खतरा कम है, लेकिन गर्म में बहुत ज्यादा।

इनसे बचने के आसान और सुरक्षित तरीके

स्टेनलेस स्टील, कांच या चीनी के कप/प्लेट इस्तेमाल करें
घर पर या ऑफिस में अपना रखें। बाहर जाते समय अपना बॉटल या कप साथ रखें: कई जगहों पर अब रीयूजेबल कप को बढ़ावा दिया जा रहा है। पेपर कप इस्तेमाल करें तो ठंडा ही पिएं, गर्म चीजें न डालें। बायोडिग्रेडेबल या प्लास्टिक-फ्री ऑप्शन चुनें, बाजार में अब कुछ कंपनियां बिना प्लास्टिक कोटिंग वाले पेपर प्रोडक्ट्स ला रही हैं, लेकिन लेबल चेक करें। बच्चों और बुजुर्गों को विशेष ध्यान दें, उनके लिए खतरा ज्यादा है।

पेपर कप-प्लेट सुविधाजनक लगते हैं, लेकिन स्वास्थ्य के लिए प्लास्टिक से भी ज्यादा छिपा खतरा रखते हैं। छोटी-छोटी आदतें बदलकर हम खुद को और परिवार को इन जोखिमों से बचा सकते हैं। अगली बार चाय पीने से पहले सोचिए – क्या ये कप वाकई सुरक्षित है?

(यह जानकारी सामान्य स्वास्थ्य जागरूकता, डॉक्टरों की राय और उपलब्ध अध्ययनों पर आधारित है। यह किसी चिकित्सकीय सलाह की जगह नहीं ले सकती। अगर कोई स्वास्थ्य समस्या हो तो डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।)
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