सुबह उठते ही फोन चलाते हैं जानिये दुष्परिणाम

सुबह उठते ही फोन चलाते हैं जानिये दुष्परिणाम

सभी अपने सरहाने फ़ोन को रखते हैं, देर रात तक फ़ोन को देखते हैं और सुबह उठते ही दुबारा फ़ोन को देखने लग जाते हैं। लेकिन यह आदत हमारे लिए लाभकारी नहीं होती है, इसके कई दुष्परिणाम हैं। आप भी कहीं सुबह बिस्तर से उठते ही मोबाइल को चलाने लग जाते हैं लेकिन आप जान लीजिये की मोबाइल का उपयोग करना जितना अच्छा लगता है उतना ही हमारी सेहत के लिए उतना ही खतरनाक भी है. आइये जान लेते हैं की हम कैसे सुबह के समय को अधिक उपयोगी बना सकते हैं। 
 
सुबह उठते ही फोन चलाते हैं जानिये दुष्परिणाम
 

मस्तिस्क पर विपरीत प्रभाव

यदि आप भी सुबह उठाते ही मोबाइल स्क्रीन देखते में लग जाते हैं तो जान लीजिये की ऐसा करने पर मस्तिस्क में कोर्टिसोल हार्मोन तेज़ी से बढ़ता है, जो तनाव और अवसाद पैदा करता है। लंबे समय तक मोबाइल की लत एकाग्रता को कम कर देता है और चिड़चिड़ापन बढ़ता है। अध्ययन बताते हैं कि 30 मिनट बिना फोन के मेडिटेशन से दिमाग 20% ज़्यादा शांत रहता है। गहरी साँस लें, दिन भर फोकस बना रहेगा।

आँखों की सेहत पर बुरा प्रभाव

मोबाइल की रोशनी सुबह आँखों की पुतलियों को चौंका देती है, जिससे जलन-खुजली और सिरदर्द होता है। ड्राई आई सिंड्रोम का खतरा दोगुना हो जाता है। रेटिना को भी नुकसान पहुँच सकता है, खासकर बच्चों में। विशेषज्ञ कहते हैं कि सुबह उठते ही आपको सैर करनी चाहिए, व्यायाम करना चाहिए।

मूड ख़राब हो जाना

नकारात्मक खबरें या सोशल मीडिया पोस्ट सुबह सुबह ही आपको उदास, क्रोधित कर देती हैं। इससे डोपामाइन का नकारात्मक चक्र शुरू होता है, जो दिनभर आपको लो-मोटिवेशन रखता है और खुशी पैदा करने वाला हार्मोन सेरोटोनिन कम हो जाता है। इसके बजाय खुली हवा में 10 मिनट टहलें, सूरज की रोशनी विटामिन D देगी और पूरा दिन हल्का-फुल्का गुज़रेगा।

नींद का चक्र बिगड़ना

मॉर्निंग स्क्रॉल मेलाटोनिन हार्मोन को प्रभावित करता है, रात की नींद खराब हो जाती है। सर्कैडियन रिदम बिगड़ने से थकान और कमज़ोरी बनी रहती है। हार्वर्ड रिसर्च कहता है कि बेडरूम में फोन न रखें तो नींद गहरी आती है।

प्रोडक्टिविटी में कमी

सुबह का समय ब्रह्म मुहूर्त होता है जो आप मोबाइल में बर्बाद कर देते हैं। आप महत्वपूर्ण काम टालते रहते हैं, आप पर आलस हावी हो जाता है। सफल लोग सुबह प्लानिंग करते हैं, फोन आधे घंटे बाद चेक करते हैं। ये आदत बदलने से दिन के लक्ष्य आसानी से पूरे होते हैं।

स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव

लगातार फोन पकड़ने से कंधे-अकड़न होती है, ब्लड सर्कुलेशन रुक जाता है, लेट कर मोबाइल देखने पर सर्वाइकिल, नेत्र ज्योति का कम होना, और मोटापा बढ़ने का जोखिम भी बढ़ता है।  

सुबह उठने के बाद ये करें

सुबह का समय अमूल्य होता है, तो आप सुबह क्या करें, छोटी-छोटी आदतें दिन को ऊर्जावान और उत्पादक बना देंगी आइये इन्हें अपनाएँ तो थकान भागेगी, मन शांत रहेगा।

सबसे पहले पानी पिएँ
रातभर निर्जल रहने के बाद शरीर को हाइड्रेशन चाहिए। 1-2 गिलास गुनगुन पानी पिएँ, नींबू या शहद मिला लें। इससे मेटाबॉलिज्म तेज़ होता है, कब्ज दूर होता है।

बिस्तर साफ करें
बिस्तर ठीक करने से मन को जीत का एहसास होता है। ये छोटा काम दिन की शुरुआत अनुशासित बनाता है। कमरे को व्यवस्थित रखें, तनाव कम होगा।

गहरी साँस या मेडिटेशन 
5-10 मिनट आँखें बंद कर गहरी साँस लें। मन शांत होगा, कोर्टिसोल हार्मोन नियंत्रित रहेगा। शुरुआत में केवल साँस पर ध्यान दें, किसी भी काम का चिंतन बाद में।

हल्का व्यायाम करें
स्ट्रेचिंग, योग या 10 मिनट वॉक से ब्लड सर्कुलेशन बढ़ता है। सूर्य नमस्कार या जंपिंग जैक्स ट्राई करें। इससे एनर्जी बूस्ट मिलेगी।

हल्का व्यायाम करें
 
धूप में 10 मिनट रहें
खिड़की खोलें या बाहर निकलें। सुबह की धूप विटामिन D देती है, जो हड्डियाँ मज़बूत करती है। मूड अच्छा रहेगा, नींद का चक्र सही होगा।

चेहरा धोएँ या ठंडे पानी से नहाएँ
ठंडे पानी से चेहरा धोने पर त्वचा चमकदार बनती है। कूल शावर से अलर्टनेस बढ़ती है, इम्यूनिटी मज़बूत होती है।

पौष्टिक नाश्ता लें
ओट्स, फल, अंडा या दही खाएँ। प्रोटीन-फाइबर से भरा नाश्ता भूख कंट्रोल करता है, दिनभर ऊर्जा देता है, चाय-कॉफ़ी बाद में लें।

आभार व्यक्त करें
ईश्वर या जीवन के अच्छे पहलुओं के लिए धन्यवाद दें। जर्नल में 3 चीज़ें लिखें जिनका शुक्रगुज़ार हैं। ये सकारात्मकता लाता है। 
 
 
तो आज से ही ये छोटे बदलाव अपना लें। सुबह फोन को थोड़ा इंतज़ार कराएँ, ताज़गी से दिन शुरू करें। धीरे-धीरे आदत बनेगी, और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा उतर आएगी। आपका हर नया दिन स्वस्थ और खुशहाल हो!
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