विटामिन B12 की कमी और आपकी सेहत
विटामिन B12 की कमी और आपकी सेहत
विटामिन B12 की कमी के लक्षण
विटामिन B12 की कमी के लक्षण कई प्रकार के होते हैं, जिनके विषय में आपको जानना चाहिए क्योकि इसके गंभीर न्यूरोलॉजिकल प्रभाव हो सकते हैं। ये लक्षण अक्सर अन्य स्वास्थ्य समस्याओं से मिलते-जुलते होते हैं, इसलिए इन्हें नजरअंदाज न करें।थकान और कमजोरी का अनुभव होना
विटामिन B12 की कमी से आपको लगता है की आपके शरीर में ऊर्जा का अभाव है और लगातार थकान और कमजोरी का अनुभव होता है। नींद पूरी होने के बावजूद हमेशा थका-थका महसूस होता है। शरीर की कोशिकाओं को ठीक से काम करने के लिए विटामिन B12 की आवश्यकता होती है। लाल रक्त कोशिकाओं का बनना रुक जाता है जिससे शरीर में ऑक्सीजन की कमी होने लगती है। (1)त्वचा का रंग पीला हो जाना
त्वचा के स्वास्थ्य के लिए भी विटामिन B12 का होना आवश्यक है, शरीर में जब लाल रक्त कोशिका कम बनती है तो त्वचा सामान्य से ज़्यादा पीली दिखाई देने लगती है। इसके अभाव में चेहरे, हाथों या नाखूनों पर पीली या पतली त्वचा, मेगालोब्लास्टिक एनीमिया आदि के लक्षण दिखाई देते हैं। (2)अवसाद और चिड़चिड़ापन
विटामिन बी12 की कमी से अवसाद के लक्षण भी दिखाई देते हैं। विटामिन बी12 की कमी से होमोसिस्टीन नामक सल्फर युक्त अमीनो एसिड का स्तर बढ़ सकता है, जिसके कारण शरीर में ऑक्सीडेटिव तनाव, डीएनए क्षति होती है। (3)एकाग्रता का अभाव और मानसिक कमजोरी
विटामिन बी12 की कमी से तंत्रिका तंत्र पर बुरा प्रभाव पड़ता है। कार्य करने में रूचि का अभाव, ध्यान लगाने में मुश्किल, स्मृति का कम होना आदि लक्षण विटामिन बी12 की कमी के संकेत हो सकते हैं। (4)- चक्कर आना और सांस फूलना
- जीभ में सूजन और मुँह में छाले
- देखने में धुंधलापन
- हाथ-पांव में झनझनाहट या सुन्नपन
- याददाश्त कमजोर होना
- मसल क्रैंप, पकड़ ढीली होना या चलने में असंतुलन।
- पैरों में कमजोरी से लड़खड़ाना या संतुलन खोना।
- लगातार या गंभीर सिरदर्द, खासकर बच्चों और वयस्कों में।
- भ्रमावस्था, जागरूकता की कमी या डिमेंशिया जैसे लक्षण।
- 9 से 13 साल के बच्चों में: 1.8 mcg (मइक्रोग्राम्स)
- 14 से 18 साल के बच्चों में: 2.4 mcg
- वयस्कों में : 2.4 mcg
- गर्भवती महिलाओं में: 2.6 mcg
- स्तनपान करवाने वाली महिलाओं में: 2.8 mcg
विटामिन B12 कहां से मिलता है?
शाकाहारी लोगों के लिए दूध और डेयरी प्रोडक्ट्स (दही, पनीर, चीज), सोया प्रोडक्ट्स, न्यूट्रिशनल यीस्ट और फोर्टिफाइड सीरियल्स आदि से।मांसाहारी लोगो को अंडा और मांसाहारी चीजें (चिकन, मछली, मीट) आदि से। )
