संतरा और किन्नू क्या है फर्क जानिये इनके फायदे

संतरा और किन्नू क्या है फर्क जानिये इनके फायदे

संतरा और किन्नू देखने में एक जैसे ही दिखाई देते हैं इसलिए लोग अक्सर इनको एक ही समझ लेते हैं जबकि दोनों अलग अलग फल हैं, हां दोनों ही हमारे लिए लाभकारी होते हैं। आज के इस लेख में हम दोनों के मध्य का अंतर और इनके लाभ /फायदों के विषय में जानेंगे। 

संतरा और किन्नू क्या है फर्क

संतरा/Orange और किन्नू/Kinnow Mandarin  दोनों ही साइट्रस परिवार से संबधित फल हैं संतरा का स्वाद हल्का मीठा होता है, जबकि किन्नू खट्टा-मीठा और तीखा रस वाला होता है। संतरे का छिलका मोटा व चिपचिपा होता है जो आसानी से नहीं उतरता, वहीं किन्नू का छिलका पतला व रसीला होता है जो हल्के से खींचने से ही निकल आता है। किन्नू में संतरे से कहीं ज्यादा रस भरा रहता है और बीज भी अधिक होते हैं। संतरा साल भर बाजार में मिल जाता है, लेकिन किन्नू मुख्य रूप से सर्दियों में ही ताजा उपलब्ध होता है। पोषण की दृष्टि से किन्नू में पानी, एंटीऑक्सीडेंट और फाइबर की मात्रा ज्यादा होती है, जो इसे सर्दी के मौसम के लिए खास बनाती है।

सर्दियों में संतरा व किन्नू का सही सेवन

सर्दियों में संतरा व किन्नू दोनों का सेवन शरीर को पोषण देता है। इन्हें सुबह खाली पेट या नाश्ते के साथ खाएं, ताकि विटामिन सी पूरा दिन ऊर्जा बनाए रखे। एक बार में 2-3 किन्नू या एक संतरा पर्याप्त है; ज्यादा खाने से पेट में जलन हो सकती है। इसे आप धोकर छिलका उतारकर खाएं या इसका जूस पिएं, दोनों ही लाभकारी हैं, ध्यान रखें की इनके बीजों का सेवन ना करें। आयुर्वेद के अनुसार इन्हें दूध या ठंडे पदार्थों के साथ न मिलाएं, बल्कि अदरक या शहद के साथ लें तो पाचन बेहतर होता है। शाम को भारी भोजन से पहले खाएं, ताकि रात में नींद अच्छी आए। सर्दियों में आप इनको गर्म पानी में कुछ देर तक डालकर रखें तो ये ठन्डे नहीं रहते और गले को नहीं पकड़ते हैं.

संतरा और किन्नू के फायदे
 
संतरा व किन्नू विटामिन सी के खजाने हैं, जो इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाते हैं और सर्दी-जुकाम से बचाते हैं। इनमें फाइबर भरपूर होने से कब्ज दूर होता है व पाचन तंत्र मजबूत बनता है और कब्ज दूर होता है। पोटैशियम की अच्छी मात्रा ब्लड प्रेशर नियंत्रित रखती है व दिल को स्वस्थ बनाती है। एंटीऑक्सीडेंट त्वचा को चमकदार व झुर्रियों से मुक्त रखते हैं। सर्दियों में इनका पानी वाला रस डिहाइड्रेशन रोकता है व वजन घटाने में मदद करता है। आधुनिक अध्ययनों से पता चलता है कि ये कैंसर व डायबिटीज के खतरे को भी कम करते हैं।

आयुर्वेद में संतरा व किन्नू को कफ-पित्त नाशक माना गया है। इनकी तासीर ठंडी होती है, जो शरीर की गर्मी शांत करती व पित्त दोष संतुलित रखती है। विटामिन सी कफ को बाहर निकालता है व फाइबर वात-पित्त संतुलन बनाता है। चरक संहिता में इन्हें रक्त शोधक व रोगनाशक कहा गया है, जो त्वचा रोग व कमजोरी दूर करते हैं। किन्नू का रस कंठ शोध व खांसी में लाभकारी है। पाचन कमजोर वालों को कम मात्रा में लें, वरना दही या दूध से परहेज करें। नियमित सेवन से आयु बढ़ती व ओजस मजबूत होता है।

संतरे के सेवन के प्रमुख फायदे

  • विटामिन सी से इम्यूनिटी मजबूत होती है, सर्दी-खांसी व संक्रमण से बचाव करता है ।
  • ​फाइबर से पाचन सुधारता है, कब्ज व गैस दूर करता है ।
  • एंटीऑक्सीडेंट त्वचा चमकदार बनाते हैं, झुर्रियां कम करते हैं ।
  • ​पोटैशियम से ब्लड प्रेशर व कोलेस्ट्रॉल नियंत्रित रहता है, दिल स्वस्थ रखता है ।
  • ​आयुर्वेद में पित्त-कफ नाशक, रक्त शुद्धि व भूख बढ़ाता है ।
  • ​किडनी स्टोन व अल्सर रोकता है, आंखों व हृदय के लिए लाभकारी ।

किन्नू के प्रमुख फायदे

  • विटामिन सी व एंटीऑक्सीडेंट से इम्यूनिटी बूस्ट करता है, वायरल बीमारियां रोकता है ।
  • ​कैल्शियम व आयरन से हड्डियां मजबूत व हीमोग्लोबिन बढ़ाता है ।
  • ​फाइबर व पानी से पाचन बेहतर, कब्ज दूर व हाइड्रेशन बनाए रखता है ।
  • ​पोटैशियम से दिल की सेहत सुधारता, ब्लड प्रेशर कम करता है ।
  • ​आयुर्वेद में अम्ल-मधुर रस, स्निग्ध-लघु गुण, उष्ण वीर्य से पाचन व त्वचा लाभ ।
  • ​विषैले तत्व बाहर निकालता, कैंसर जोखिम घटाता व एनर्जी देता है
संतरा और किन्नू सर्दियों के मौसम के दो अनमोल रत्न हैं जो विटामिन सी, फाइबर व एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होते हैं। संतरा इम्यूनिटी मजबूत कर कैंसर व हृदय रोगों से बचाता है, जबकि किन्नू रसीला स्वाद व हाइड्रेशन के साथ पाचन व त्वचा को स्वस्थ रखता है। आयुर्वेद में इनकी ठंडी तासीर पित्त संतुलित करती है व आधुनिक अध्ययन इनके लाभ सिद्ध करते हैं। रोज सुबह 1-2 फल खाएं, लेकिन डॉक्टर की सलाह से ही सेवन करें।
 
आधुनिक रिसर्च 
ऑस्ट्रेलिया के कॉमनवेल्थ साइंटिफिक एंड इंडस्ट्रियल रिसर्च ऑर्गनाइजेशन (CSIRO) के 2025 अध्ययन में पाया गया कि रोज एक संतरा खाने से मुंह, गले और पेट के कैंसर का खतरा कम होता है। यह 48 वैश्विक रिसर्च पेपर्स की समीक्षा पर आधारित था, जिसमें संतरे के एंटीऑक्सीडेंट को मुख्य कारण बताया गया । AICR के शोध भी साइट्रस फ्रूट्स को कैंसर बचाव से जोड़ते हैं, खासकर विटामिन सी व फाइटोकंपाउंड्स के कारण । वर्ल्ड कैंसर रिसर्च फंड की रिपोर्ट्स पूरे फल के सेवन को जूस से बेहतर मानती हैं ।

शोधकर्ताओं ने दुनियाभर के 48 वैज्ञानिक अध्ययनों का चयन किया, जिनमें संतरा व अन्य साइट्रस फलों के सेवन व कैंसर जोखिम पर डेटा शामिल था। सिस्टमैटिक रिव्यू में PRISMA दिशानिर्देशों का पालन किया गया, जिसमें सर्च PubMed, Scopus व Google Scholar जैसे डेटाबेस से की गई । अध्ययनों में मुख्य रूप से ऑब्जर्वेशनल डेटा (कोहोर्ट व केस-कंट्रोल स्टडीज) लिया गया, जहां प्रतिभागियों के आहार रिकॉर्ड व कैंसर मामलों की तुलना की गई। फोकस विटामिन C, फ्लेवोनॉइड्स व फाइबर जैसे एंटीऑक्सीडेंट पर रहा, जो फ्री रेडिकल्स को नष्ट करने व सेल डैमेज रोकने के लिए जिम्मेदार पाए गए। 
 
Source/Reference
 
नोट: यह सामग्री सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार की गई है। इसमें दी गई सलाह चिकित्सकीय परामर्श का स्थान नहीं ले सकती। स्वास्थ्य संबंधी कोई भी निर्णय लेने से पहले विशेषज्ञ या डॉक्टर से सलाह अवश्य लें। इसकी किसी भी प्रकार की जानकारी पर प्रकाशक कोई दायित्व स्वीकार नहीं करता। 
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